तेरे बिना

तेरे बिना अब जी नही लगता,    
तुझ्से दूर अब दिन नही कटता।     तेरे बिन रात काली,
तुझे देखे बिना आंखें खाली।   

मेरे रोम रोम में बस गए हो,
मेरी रूह को तुम छू गए हो।    
ना जाने कब मुलाकात होगी,
रूबरू कब दिल की बात होगी?
          
देर न करना अब मुझसे मिलने को,
गुल भी तरस रहे है अब खिलने को
मैं यादों के साए में रहती हू,
शाम सवेरे बस आहे भर्ती हू।

इन आहों को तुम ज़ाया मत करना,
जल्द मिलने की दुआ करना।
आहो को सिसकी बनने में देर नहीं,
मुझे दीवानी करार करने में भी फेर नही।

जो ना मिल पाए तो रंज नही है,
मायूसी का पर अंत नहीं है।
लैला की तरह इंतजार कर लूंगी,
तुम्हे दिल में अपने बंद कर लूंगी।

तेरे बिना अब जी नही लगता,   
तुझ्से दूर अब दिन नही कटता।

तेरे बिन रात काली,
तुझे देखे बिना आंखें खाली।

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